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Cancer Ka Ilaj - कैंसर का इलाज

 कैंसर एक बहुत ही घातक बीमारी है यह किसी कोशिका के असामान्य तरीके से बढ़ने की बीमारी होती है ,आमतौर पर, हमारे शरीर की कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं और विभाजित होती हैं. जब सामान्य कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है या ये पुरानी हो जाती हैं, तो ये मर जाती हैं और इनकी जगह स्वस्थ कोशिकाएं ले लेती है।  दोस्तों हम यहाँ जो इलाज आपको बताने जा रहे हैं वो पूरी तरह से आयुर्वेदिक है है और कारगर भी है , बशर्ते आप हमारे द्वारा बताई गयी सभी बातों को आँख बंद करके मान लेते हैं तो आप पूरी तरह से इस बीमारी के मुहं में से वापिस आ सकते हैं , 4th स्टेज तक के पेशेंट भी इस नियम को अपनाने से ठीक हुए हैं , तो चलिए शुरू करते हैं इस Cancer ka Ilaj.  

Cancer Ka Ilaj - कैंसर का इलाज


दोस्तों इस बीमारी का इलाज पूरी तरह से सम्भव है, यह बस 3 बातों पर निभर करता है : 

  1. औषधि 
  2. मानसिक शक्ति  
  3. परहेज 

  • औषधि जोकि हम आपको यह बता ही रहे हैं , उसके लिए आपको कोई प्रॉब्लम नहीं नहीं होने वाली है , अगर आपको औषधि जुटाने में दिक्कत आती है तो आप हमारे द्वारा भी इन औषधियों को ले सकते हैं , वैसे हमें पूरी उम्मीद है की ये जड़ी बूटियां आपको किसी भी पंसारी (Grocer) की दुकान से आसानी से मिल जाएंगी 
  • दूसरे नंबर पर आता है मरीज का मानसिक संतुलन , जोकि बहुत जरूरी है  .देखिये ये एक नार्मल बीमारी ही है ,बस आज के समय में अंग्रेजी डॉक्टर्स और उनके इलाज ने इसको भयानक रूप दे दिया है , हमारा मरीज से बस यही कहना है की आप घबराएं नहीं , अपनी इच्छा शक्ति प्रबल रखें  और लोगों की बातों पर ज्यादा ध्यान न दें, आपको एक बहुत ही सीक्रेट बात बता दें की आपसे जो लोग मिलने आते हैं, आपको देखने आते हैं , वो आपको ज्यादा बीमार करके जाते हैं , पता है कैसे , वो आपके दिमागी में नकारात्मक बातें भर जातें हैं इस बीमारी को लेकर , आपको उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना है , आप 101 प्रतिशत ठीक होंगे ये विश्वास अपने अंदर रखिये।  बस यहां बताये गए नियमो का पालन कीजिये। 
  • तीसरी और बहुत ही महत्वपूर्ण बात है, परहेज ।, किसी भी बीमारी को अगर आपको हराना है तो सबसे बड़ा शस्त्र होता है किसी भी बीमारी को ठीक करने का "परहेज"। इसका आप नियम से पालन कीजिये , आपको चमत्कारिक परिणाम मिलेंगे और आपके Cancer Ka Ilaj पूरी तरह से होना तय है 


Cancer Ka Ilaj Ingrediant - कैंसर का इलाज सामग्री : 

  1. कचनार                                                      4. पुनर्नवा (सांटी )
  2. सर्पगंधा                                                       5.  हल्दी (काली/ आमा)
  3. श्याम तुलसी
Cancer Ka Ilaj - कैंसर का इलाज


अलग अलग पीस कर कांच के किसी बर्तन में रख लें, अब पांच मिट्टी के बर्तन ले लीजिये उसमे 5-5 ग्राम सभी औषधियों में से लेकर, 200 ml पानी के साथ रात में भिगो दीजिये, ये सभी अलग अलग बर्तनो में ही भिगोने हैं ,सुबह होने पर इसको धीमी धीमी आग पर पकाइये, पानी जब लगभग 100 ml रह जाए तो उसको धीरे धीरे फूंक मार मार के पी लीजिये। एक दवा लेने के 30 मिनट बाद दूसरी दवा भी ऐसे ही लेनी है , सर्पगंधा तब ही लेनी है जब बहुत ज्यादा दर्द हो , तुलसी अगर ताजा है तो 20-25 पत्ते पानी में उबाल कर भी ले सकते हैं , अगर नहीं है तो सूखे पत्ते तो पंसारी की दुकान से मिल ही जाएंगे। यही प्रक्रिया शाम को करनी है , खाना खाने के तुरंत बाद कोई दवा नहीं लेनी है।
"इन औषधियों के बाद स्वस्थ गाय का मूत्र लेना है , याद रहे गाय बीमार न हो , किसी तरह का कोई रोग न हो , कुछ टाइम पहले की बियाई न हो , बीज से बियाई न हो , देशी तरिके से हो"
अगर सर्दियाँ हों तो 70 मल और गर्मियां हों तो 50 मल गौ मूत्र को हल्का सा उबाल लेना है ,सूर्य निकलने से पहले और सूर्य छिपने के बाद ये मात्रा लेनी है, पीने में दिक्क्त में  है बदबू आ रही है तो उबालते समय 5-5 ग्राम हल्दी और सांटी डाल सकते हैं , अगर यहां इन दोनों औषधियों को प्रयोग में लिया है तो ऊपर बताई गयी सामग्री में ये ना करें इन दोनों को भिगोने अब जरूरी नहीं है।  

दोस्तों कैंसर का जो भी रोगी होता है , इस बीमारी के दौरान उसके शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है , इस शारीरिक दुर्बलता को दूर करने का लिए आपको यहां के मिश्रण बता रहे हैं इससे रोगी को खुद ताकत महसूस होने लगेगी ,इसके लिए सामग्री है :

  • 500 ग्राम मामरा बादाम
  • 25 ग्राम सफ़ेद मूसली
  • 1/2  ग्राम केसर
  • 50  ग्राम अश्गंधा
  • 2  ग्राम कीड़ा जड़ी

Cancer Ka Ilaj - कैंसर का इलाज


200 ग्राम गाय का दूध, 20 ग्राम इन सभी औषधियों का मिश्रण को धीमी आग पर पकाना है और फिर पी लेना है ।  इससे रोगी के शरीर में ताकत बनेगी , कमजोरी दूर होगी। सुबह 9बजे से 9:30 के आस पास ले लें , इसे लेने के 1 घंटे पहले कुछ नहीं और1 घंटे के बाद कुछ नहीं खाना पीना। 
मात्रा : देखिये अगर वजन 40 से 45 किलोग्राम तक है तब तो ये बताई गयी मात्रा ठीक है , अगर कम या जायदा हैं उसी प्रकार घटा बढ़ा लेनी है। 

Cancer Ka Ilaj - क्या खाएं क्या नहीं खाएं :

आटा - मूंग(छिलके वाली), कूटू, सिंगाड़ा, समां के चावल (गेहू का प्रयोग ना करें)
सब्जी - टमाटर, कंद वाली सब्जियां सभी , जैसे मूली, गाजर, शलजम (आलू बहुत कम, कोई भी खट्टी सब्जी डायरेक्ट नहीं), मूंग(छिलके वाली)
फल - जितने भी फल खट्टे में गिने जाते हैं जैसे मौसमी, अनानास, नीबू, को छोड़कर सभी फल खा सकते हैं लेकिन फल बस सीजनल हो, कहने का मतलब है की मौसम वाले फल।
घर में बनाकर सारी सब्जियां खा सकते हैं लेकिन नमक सेंधा हो , लाल मिर्च बिलकुल भी ना हों , घर वाले सभी मसाले प्रयोग कर सकते हैं , खाना अगर मिटटी या लोहे के बर्तन में बने तो ज्यादा अच्छा है l 

गाजर का हलवा खाना हो तो : देशी गाय के दूध में गाजर कस के डाल दो , चीनी बिलकुल नहीं, देशी खांड व घी भी देशी ही , घीया, मूंग का भी हलवा बना सकते हैं 

अगर दूध पीने का मन है तो गाय का ही लें वो भी भारतीय देशी का ,और दही का मन है तो वो भी इसी दूध का बना ही लें लेकिन दही खट्टा नहीं होना चाहिए।  

ड्राई फ्रूट्स : आप काजू छोड़ कर सभी ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं। 
फूल : गुड़ह, गुलाब, नीम, सहजन।  
पत्ते : सहजन, गिलोय, पपीता, शीशम, पीपल, गुड़हल, बड़

अगर आपको पत्तो फूलो को पहचानने में दिक्कत आ रही हो तो आप अपने आस पास की किसी नर्सरी वाले से पता कर सकते हैं 

दिनचर्या : 

सुबह उठते ही लोटे में पानी पिएं , अनुलोम - विलोम करें, कपाल भाती करें, इसके बाद नीम की दातुन करें। नीम न मिले तो पीपल,शीशम, बड़, अर्जुन किसी की भी कर सकते हैं l 

आपका वजन अगर 60 किलो तक है तो 800  ग्राम या 1 किलो तक फल खाइये , अमरुद, अनार बिना दवा के पकते हैं ये बहुत अच्छे हैं, पपीता अपने घर के पेड़ का पका हो तो अमृत है , इसके अलावा बेर , नीम की निबोली खाइये। 
अब कम से कम 10-15 मिनट का गैप देकर रोटी खाइये , उसी अनाज की जो आपको हमने बताया है थोड़ी देर पहले , दोपहर में 500 ग्राम या 1 किलो तक कच्ची सब्जियां खाइये , दोपहर में ही सफ़ेद पेठे का जूस अमृत है आपके लिए , अनार का जूस भी ले सकते है। पानी आरो  का बिलकुल नहीं पीना है, किसी पीतल के बर्तन में जो सादा पानी आता उसी को भर कर रख लेना है साथ में सोने से बना कोई गहना उसमे डाल लेना ये डालने का एक वैज्ञानिक महत्त्व है ये कोई टोटका नहीं बता रहे हम आपको , गर्मियों में मटके का पानी पियो।  शाम का खाना सूर्यास्त से १ घटे पहले खाइये।  
दोस्तों हो सके तो रोजाना घर में हवन कीजिये, देखिये ये किसी धर्म से जोड़ कर हम आपको नहीं बता रहे हैं। 1/2 किलो घी से 1 टन ऑक्सीजन बनती है जिसको सभी लेते हैं सभी धर्मो के लोग ल
सामग्री : हल्दी, सांटी, बड़, पीपल, नीम
ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है आप ना करना चाहे तो ना कीजियेगा।

बंधुओ अंतिम पंक्तियों में हम यही कहेंगे की आप नियम से इन सभी बातों का पालन कीजिये और हमने जो आपको बताया है वही खाना पीना है, इससे अलग कुछ नहीं खाना, विश्वाश मानिये आप लौटकर हमारी इस साइट पर आकर हमारा धन्यवाद करेंगे।

धन्यवाद











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