Cancer Ka Ilaj - कैंसर का इलाज
- औषधि
- मानसिक शक्ति
- परहेज
- औषधि जोकि हम आपको यह बता ही रहे हैं , उसके लिए आपको कोई प्रॉब्लम नहीं नहीं होने वाली है , अगर आपको औषधि जुटाने में दिक्कत आती है तो आप हमारे द्वारा भी इन औषधियों को ले सकते हैं , वैसे हमें पूरी उम्मीद है की ये जड़ी बूटियां आपको किसी भी पंसारी (Grocer) की दुकान से आसानी से मिल जाएंगी
- दूसरे नंबर पर आता है मरीज का मानसिक संतुलन , जोकि बहुत जरूरी है .देखिये ये एक नार्मल बीमारी ही है ,बस आज के समय में अंग्रेजी डॉक्टर्स और उनके इलाज ने इसको भयानक रूप दे दिया है , हमारा मरीज से बस यही कहना है की आप घबराएं नहीं , अपनी इच्छा शक्ति प्रबल रखें और लोगों की बातों पर ज्यादा ध्यान न दें, आपको एक बहुत ही सीक्रेट बात बता दें की आपसे जो लोग मिलने आते हैं, आपको देखने आते हैं , वो आपको ज्यादा बीमार करके जाते हैं , पता है कैसे , वो आपके दिमागी में नकारात्मक बातें भर जातें हैं इस बीमारी को लेकर , आपको उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना है , आप 101 प्रतिशत ठीक होंगे ये विश्वास अपने अंदर रखिये। बस यहां बताये गए नियमो का पालन कीजिये।
- तीसरी और बहुत ही महत्वपूर्ण बात है, परहेज ।, किसी भी बीमारी को अगर आपको हराना है तो सबसे बड़ा शस्त्र होता है किसी भी बीमारी को ठीक करने का "परहेज"। इसका आप नियम से पालन कीजिये , आपको चमत्कारिक परिणाम मिलेंगे और आपके Cancer Ka Ilaj पूरी तरह से होना तय है
Cancer Ka Ilaj Ingrediant - कैंसर का इलाज सामग्री :
- कचनार 4. पुनर्नवा (सांटी )
- सर्पगंधा 5. हल्दी (काली/ आमा)
- श्याम तुलसी
अलग अलग पीस कर कांच के किसी बर्तन में रख लें, अब पांच मिट्टी के बर्तन ले लीजिये उसमे 5-5 ग्राम सभी औषधियों में से लेकर, 200 ml पानी के साथ रात में भिगो दीजिये, ये सभी अलग अलग बर्तनो में ही भिगोने हैं ,सुबह होने पर इसको धीमी धीमी आग पर पकाइये, पानी जब लगभग 100 ml रह जाए तो उसको धीरे धीरे फूंक मार मार के पी लीजिये। एक दवा लेने के 30 मिनट बाद दूसरी दवा भी ऐसे ही लेनी है , सर्पगंधा तब ही लेनी है जब बहुत ज्यादा दर्द हो , तुलसी अगर ताजा है तो 20-25 पत्ते पानी में उबाल कर भी ले सकते हैं , अगर नहीं है तो सूखे पत्ते तो पंसारी की दुकान से मिल ही जाएंगे। यही प्रक्रिया शाम को करनी है , खाना खाने के तुरंत बाद कोई दवा नहीं लेनी है।
"इन औषधियों के बाद स्वस्थ गाय का मूत्र लेना है , याद रहे गाय बीमार न हो , किसी तरह का कोई रोग न हो , कुछ टाइम पहले की बियाई न हो , बीज से बियाई न हो , देशी तरिके से हो"
अगर सर्दियाँ हों तो 70 मल और गर्मियां हों तो 50 मल गौ मूत्र को हल्का सा उबाल लेना है ,सूर्य निकलने से पहले और सूर्य छिपने के बाद ये मात्रा लेनी है, पीने में दिक्क्त में है बदबू आ रही है तो उबालते समय 5-5 ग्राम हल्दी और सांटी डाल सकते हैं , अगर यहां इन दोनों औषधियों को प्रयोग में लिया है तो ऊपर बताई गयी सामग्री में ये ना करें इन दोनों को भिगोने अब जरूरी नहीं है।
- 500 ग्राम मामरा बादाम
- 25 ग्राम सफ़ेद मूसली
- 1/2 ग्राम केसर
- 50 ग्राम अश्गंधा
- 2 ग्राम कीड़ा जड़ी
Cancer Ka Ilaj - क्या खाएं क्या नहीं खाएं :
आटा - मूंग(छिलके वाली), कूटू, सिंगाड़ा, समां के चावल (गेहू का प्रयोग ना करें)सब्जी - टमाटर, कंद वाली सब्जियां सभी , जैसे मूली, गाजर, शलजम (आलू बहुत कम, कोई भी खट्टी सब्जी डायरेक्ट नहीं), मूंग(छिलके वाली)
घर में बनाकर सारी सब्जियां खा सकते हैं लेकिन नमक सेंधा हो , लाल मिर्च बिलकुल भी ना हों , घर वाले सभी मसाले प्रयोग कर सकते हैं , खाना अगर मिटटी या लोहे के बर्तन में बने तो ज्यादा अच्छा है l
दिनचर्या :
सुबह उठते ही लोटे में पानी पिएं , अनुलोम - विलोम करें, कपाल भाती करें, इसके बाद नीम की दातुन करें। नीम न मिले तो पीपल,शीशम, बड़, अर्जुन किसी की भी कर सकते हैं l
आपका वजन अगर 60 किलो तक है तो 800 ग्राम या 1 किलो तक फल खाइये , अमरुद, अनार बिना दवा के पकते हैं ये बहुत अच्छे हैं, पपीता अपने घर के पेड़ का पका हो तो अमृत है , इसके अलावा बेर , नीम की निबोली खाइये।
अब कम से कम 10-15 मिनट का गैप देकर रोटी खाइये , उसी अनाज की जो आपको हमने बताया है थोड़ी देर पहले , दोपहर में 500 ग्राम या 1 किलो तक कच्ची सब्जियां खाइये , दोपहर में ही सफ़ेद पेठे का जूस अमृत है आपके लिए , अनार का जूस भी ले सकते है। पानी आरो का बिलकुल नहीं पीना है, किसी पीतल के बर्तन में जो सादा पानी आता उसी को भर कर रख लेना है साथ में सोने से बना कोई गहना उसमे डाल लेना ये डालने का एक वैज्ञानिक महत्त्व है ये कोई टोटका नहीं बता रहे हम आपको , गर्मियों में मटके का पानी पियो। शाम का खाना सूर्यास्त से १ घटे पहले खाइये।
दोस्तों हो सके तो रोजाना घर में हवन कीजिये, देखिये ये किसी धर्म से जोड़ कर हम आपको नहीं बता रहे हैं। 1/2 किलो घी से 1 टन ऑक्सीजन बनती है जिसको सभी लेते हैं सभी धर्मो के लोग ल
सामग्री : हल्दी, सांटी, बड़, पीपल, नीम
ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है आप ना करना चाहे तो ना कीजियेगा।



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